सच या झूठǃ इंडिया गेट पर शहीदों के नाम को लेकर भ्रांतियां, क्या है सच्चाई?
इंडिया गेट के निर्माण और गेट पर खुदे शहीद फौजियों के नामों को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर बहस छिड़ जाती है बहस के दौरान देखा गया है कि लोग एैतिहासिक सच्चाई को दरकिनार करते हुये अफवाहों और झूठ का सहारा लेते हैं। शहीदों के नाम को लेकर अनेकों भ्रांतियां फैली हुई हैं। सच्चाई क्या है। शहीदों के नाम को लेकर किये जा रहे दावे में कितनी सच्चाई है और कितना झूठ आईये इंडिया गेट के इतिहास को जानते हैं। इंडिया गेट का इतिहास दिल्ली पर्यटन विभाग (Delhi Tourism Department) के मुताबिक इंडिया गेट की बुनियाद ड्यूक ऑफ कनॉट (Duke of Connaught) ने 1921 में रखी, इसका डिजाइन एडविन लुटियंस (Edwin Lutyens) ने किया और 10 बरस बाद वायसराय लॉर्ड इरविन (Viceroy Lord Irwin) ने इसका उद्घाटन किया. दिल्ली शहर के बीच मौजूद इंडिया गेट 42 मीटर ऊँचा है इसका निर्माण 1921 में शुरू होकर 1931 में पूरा हुआ। जो राजपथ, नयी दिल्ली में बना हुआ है, राजपथ को पहले किंग्सवे कहा जाता था। गेट पर हज़ारों सैनिकों के नाम, खुदे हैं, लाल और पीले बलुआ पत्थरों से बना हुआ यह स्मारक दर्शनीय है। जब इण्डिया गेट बनकर तैयार हुआ था तब इसके सामने जार्ज ...