Mary Tudor | मैरी ट्यूडर | Bloody Mary | इतिहास की ज़ालिम और बदनसीब महारानी‚ जिसने अपने पिता और भाई–बहनों सहित सैकड़ों प्रजा की बेरहमी से हत्या करा दी।

 मैरी ट्यूडर का नाम आपने सुना ही होगा, इनके बारे में बहुत सारी अफवाहें भी हैं लेकिन हम आज के ब्लॉग में इतिहास की इस ज़ालिम और बदनसीब रानी के बारे में कुछ ऐतिहासिक बातों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।

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खूनी मैरी: इंग्लैंड की वो रानी, जिसने अपने बाप-भाई को जिंदा जलवा दिया

इंग्लैंड और आयरलैंड की रानी मैरी फर्स्ट जिनका नाम मैरी ट्यूडर है जिन्हें (Bloody Mary) के नाम से भी जाना जाता है। इंग्लैंड के 8वें राजा हैनरी की पहली बेटी हैं। मैरी ने खुद को इंग्लैंड की रानी बनाने के लिए जी जान लगा दी थी. ये बात तब की है जब इनके बाप ने इन्हें अपना वारिस मानने से इनकार कर दिया. 1553 में मैरी को शाही तख्त के वारिस की लिस्ट से हटा दिया गया.

ऐसे में इन्होंने ब्रिटिश सल्तन के खिलाफ बगावत की और बागियों की फौज लेकर इंग्लैंड के शाही खानदान को अपने सामने झुकने पर मजबूर कर दिया.

मैरी ट्यूडर एक कैथलिक ईसाई थीं. वह इंग्लैंड को भी कैथलिक राष्ट्र बनाना चाहती थीं. ऐसे में उन्होंने पिता द्वारा चलाए गए (Protestant) प्रोटेस्टेण्ट मज़हब के ईसाईयों को मरवा दिया. मरने वालों की गिनती सैकड़ों में थी. यहां तक कि उन्होंने इंग्लैंड में अपना गलबा कायम करने के लिए अपने बाप और भाई-बहनों क भी कत्ल करा दिया.


आइए, जानते हैं कि कैसे एक रानी खूनी रानी बन गई

राजा हैनरी की सनक की भेंट चढ़ी मैरी!

18 फरवरी, 1516 को ग्रीनविच पैलेस में 8वें राजा हैनरी और एरागॉन की कैथरीन के घर 7 साल बाद एक बच्चे की किलकारियां गूंजीं. ये एक लड़की थी, जिसका नाम मैरी ट्यूडर रखा गया.

मैरी की पैदाइश के बाद राजा हैनरी इस बात से उदास रहने लगे कि उनकी नसल बिना किसी लड़के के कैसे आगे बढ़ेगी

हैनरी सन 1533 ई० में एनी बोलेन के साथ शादी कर ली.



जल्द ही राजा अपनी दूसरी बीवी से भी मायूस हो गया. वह भी उन्हें एक लड़का दे पाने के लायक नहीं थी. ऐसे में इससे गुस्सा होकर सन 1536 ई० में राजा ने अपनी दूसरी बीवी पर ज़िना का इल्ज़ाम लगा कर उसे मौत की सजा दे दी.

इसके अलावा राजा हैनरी की 4 और शादियां हुई थीं. राजा की तीसरी बीवी की मौत अपने बेटे की पैदाइश के बाद ही हो गई. वहीं उनकी चौथी शादी को रद्द कर दिया गया और उनकी पांचवीं बीवी का सर कलम कर दिया गया. राजा की मौत के वक्त उनके साथ उनकी छठी बीवी थी.


कांटों भरा रहा सिंहासन तक का सफर

सन 1533 ई० में एनी बोलेन और राजा हैनरी की शादी के बाद मैरी को नाजायज़ औलाद करार दिया गया. और तख्त की विरासत से बाहर कर दिया गया। इंग्लैंड के शाही तख्त पर अब मैरी एक रानी के तौर पर नहीं बैठ सकती थीं.


हालांकि, ऐसा सिर्फ मैरी के साथ ही नहीं हुआ था. बोलेन की मौत के बाद उनकी बेटी एलिजाबेथ को भी शाही तख्ती विरासत की लिस्ट से हटा दिया गया. एडवर्ड सन 1537 में राजा की तीसरी बीवी से पैदा हुआ था. राजा हैनरी की ख्वाहिश के मुताबिक 1547 में हैनरी की मैात के बाद एडवर्ड राजा बन गया.

उसकी हुकमरानी में इंग्लैंड में प्रोटेस्टेंटिज्म की स्थापना हुई. इसके चलते मैरी ट्यूडर राजा एडवर्ड की जानी दुश्मन बन बैठीं।

सन् 1553 ई० में राजा एडवर्ड बुरी तरह से बीमारी हो गया. ऐसे में अपनी मौत से पहले उसने मैरी को तख्त पर दावा करने से महरूम कर दिया. राजा एडवर्ड चाहता था कि उसकी मौत के बाद न तो मैरी किसी भी तरह से शाही तख्त पर बैठे और न हीं इंग्लैंड में कैथोलिज्म लागू हो पाए.



माना जाता है कि ऐसे में एडवर्ड के सलाहकारों में से एक नॉर्थम्बरलैंड ने लेडी जेन ग्रे को सिंहासन सौंपने की अपील किया. उसी साल एडवर्ड की मौत हो गई और जेन को इंग्लैंड की रानी बना दिया गया.


नॉर्थम्बरलैंड ने मैरी को पकड़ने के लिए एक बड़ी सेना को भेज दिया. इससे पहले कि वह ऐसा कर पाते, मैरी ने अपनी एक बड़ी फौज और हिमायतियों के साथ मिलकर शहर पर चढ़ाई कर दी और शाही सरकार का तख्ता पलट कर दिया।

आखिरकार, 9 दिन की रानी जेन को टॉवर ऑफ लंदन में कैद कर लिया गया और नॉर्थम्बरलैंड को मौत की सजा दे दी गई.


2 साल की उम्र में कर दी गई शादी

शाही परिवारों में diplomatic और political relations को प्यार से ज्यादा तरजीह दी जाती है. यही वजह है कि मैरी जब सिर्फ 2 साल की थीं, तभी उनका रिश्ता फ्रांस के राजा के बेटे के साथ कर दिया गया. हालांकि ये निज़ाम कुछ साल बाद बन्द कर दिया गया. ऐसे में नौजवान शहज़ादी का रिश्ता उनके चचेरे भाई 16 साला सम्राट चार्ल्स पंचम के साथ कर दिया गया.


बहरहाल, मैरी जब रानी बनी, तो उनका अफेयर चार्ल्स पंचम के बेटे स्पेन के प्रिंस फिलिप से चल रहा था. प्रिंस फिलिप मैरी से 10 साल छोटे थे,  साथ ही वह एक कैथोलिक भी थे. सन् 1554 ई० में वह इंग्लैंड आये और रानी मैरी से विंचेस्टर किले में शादी कर ली.


सन 1554 में अंग्रेजों के एक ग्रुप ने मैरी को शाही तख्त से हटाने क कोशिश की बहरहाल, जल्द ही इस विद्रोह को दबा दिया गया और विद्रोह में शामिल लगभग 100 लोगों को फांसी पर लटका दिया गया.

हालांकि लेडी जेन ग्रे और उनके बाप इस बगावत में शामिल नहीं थे, फिर भी रानी मैरी ने लोगों को डराने के लिए उनका सर धड़ से अलग कर दिया गया. वहीं, टॉवर ऑफ लंदन में कैद उनकी सौतेली बहन एलिजाबेथ को एक साल के लिए नजरबंद कर दिया गया.


सैकड़ों की हत्या ने दिया ब्लडी मैरीनाम

हुकूमत में रहते हुए, क्वीन मैरी ने इंग्लैंड में कैथोलिक धर्म की वापसी कराई. इसका नतीजा ये रहा कि लगभग 300 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. ये वो प्रोटेस्टैंट ईसाई थे, जो मैरी को हटाने के लिए विद्रोह में भागीदार थे. इन सभी को सामूहिक रूप से जला दिया गया.


कभी नहीं बन पाई मां

37 साल की उम्र में मैरी की शादी के बाद, रानी और उनके डॉक्टरों ने माना कि वह Pregnant हैं. रानी ने बच्चे को अपने पेट में महसूस किया. हालांकि, ये बात एकदम कोरी बकवास निकली. क्वीन मैरी को कोई औलाद नसीब नहीं हुई। मैरी चाहती थी कि उसका बेटा उसक सल्तन की बागडोर संभाले और उसकी नसल को आगे बढ़ाए. हालांकि वह कभी मां नहीं बन पाई.


आखिरकार, कैथोलिक इंग्लैंड बनाने का मैरी का सपना चकनाचूर हो गया. 42 साल की उम्र में सन 1558 ई० को लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में इन्फ्लूएंजा बीमारी की वजह से क्वीन मैरी की मौत हो गई.

इसके बाद, उनकी छोटी बहन एलिजाबेथ ने सन 1603 में अपनी मौत तक शासन किया. इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने अपने शासनकाल में पुन: कैथोलिक इंग्लैंड को प्रोटेस्टैंटिज्म में धकेल दिया.

एलिजाबेथ की हुकमरानी में ही अंग्रेजी के अज़ीम नावेल निगार शेक्सपियर ने अपनी महानतम रचनाओं पर काम किया.

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